- अलग-अलग महिलाओं में गर्भधारण के भिन्न होते हैं लक्षण।
- कार्यशैली, वातावरण और सोच पर भी निर्भर होते हैं गर्भावस्था के लक्षण।
- स्तनों में अधिक संवेदनशीलता हो सकता है गर्भावस्था का पहला संकेत।
- गर्भावस्था के साइड इफेक्ट से हो सकता है पीठ में दर्द।
गर्भावस्था के शुरुआती 10 लक्षण
1. माहवारी विलंबित- स्वस्थ महिला को प्रतिमाह माहवारी निश्चित समय या उसके आसपास होती है लेकिन गर्भधारण करते ही माहवारी आनी बंद हो जाती है। यदि आपका मासिक धर्म समय पर नही आया है तो यह गर्भावस्था का लक्षण है, लेकिन निर्णायक नहीं है। कई अन्य कारकों हार्मोनल गड़बड़ी, थकान, अधिक वजन, जन्म नियंत्रण दवा या तनाव देने के रूप में इस तरह के मासिक धर्म में देर हो सकती हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए की आप गर्भवती है घर पर गर्भावस्था परीक्षण करें।
2. जी मिचलाना- जी मिचलाना और उल्टी होना गर्भावस्था में गर्भाधान के बाद 2 सप्ताह से 8 सप्ताह तक हार्मोनल परिवर्तन के कारण होता है। जो गर्भावस्था के प्रारभिंक लक्षणों में से है।
3. संवेदनशील स्तन- स्तनों में अधिक संवेदनशीलता गर्भावस्था का पहला संकेत है। स्तनों में गर्भावस्था के दौरान दर्द होने लगता है। हालांकि ये दर्द माहवारी से पहले भी होता है लेकिन गर्भावस्था के दौरान स्तन कोमल भी हो जाते हैं।
- असहनीय थकान- प्रोजेस्टेरोन में वृद्धि के कारण, दिन के दौरान कई बार गर्भवती को असहनीय थकावट महसूस होने लगती है। यह गर्भाधान के बाद एक से छह सप्ताह में शुरू हो जाती है।
5. सिरदर्द- गर्भावस्था के दौरान अक्सर सिरदर्द बहुत आम हैं और यह गर्भाधान के साथ ही शुरू हो जाता है। हार्मोंस के निरंतर बदलाव के कारण तनाव होने लगता है जिससे कुछ महिलाओं को सिर दर्द की शिकायत होने लगती है।
6. पीठदर्द- गर्भावस्था के साइड इफेक्ट से पीठ में दर्द हो सकता है। यह ज्यादातर गर्भवती को आखिर में जाकर अनुभव होता है लेकिन कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के शुरू में ही होने लगता हैं।
7. भोजन के लिए तरस- हमने हिन्दी फिल्मों में अक्सर सुना और देखा है कि जो महिला इमली खाने के लिए मांगती है उसी से अन्दाजा लगता है कि वह गर्भवती है। पर ऐसा फिल्मों में ही नही हमारी असल जिन्दगी में भी होता है कुछ महिलाओं का गर्भधारण करते ही मुंह का स्वाद बदल जाता है। ये हार्मोंस में हो रहे लगतार बदलाव के कारण होता है।
8. नजला-जुकाम- कई बार गर्भधारण के बाद नजला-जुकाम रहने लगता है और हर समय कफ जमा रहने की शिकायत रहती है।
9. बार-बार मूड बदलना- गर्भधारण के बाद कई महिलाओं को मिचली और उल्टी तो आती ही है साथ ही अचानक उनका मोटापा बढ़ने लगता है। हर समय गैस बनती है और खट़टी डकारें आनी लगती है। चक्कर आना, बेहोशी होना, बेवजह बार-बार मूड बदलना, नाराजगी दिखाना, कब्ज होना इत्यादि गर्भावस्था के लक्षण है।
10. निश्चित संकेत है- यदि आपने मासिक धर्म नही आए है और साथ ही आपको जी मिचलाना, स्तनों में भारीपन और थकान है, तो ये वास्तव में गर्भावस्था के प्रारंभिक लक्षण हो सकते है। आप तुरंत परीक्षण करें।
1. माहवारी विलंबित- स्वस्थ महिला को प्रतिमाह माहवारी निश्चित समय या उसके आसपास होती है लेकिन गर्भधारण करते ही माहवारी आनी बंद हो जाती है। यदि आपका मासिक धर्म समय पर नही आया है तो यह गर्भावस्था का लक्षण है, लेकिन निर्णायक नहीं है। कई अन्य कारकों हार्मोनल गड़बड़ी, थकान, अधिक वजन, जन्म नियंत्रण दवा या तनाव देने के रूप में इस तरह के मासिक धर्म में देर हो सकती हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए की आप गर्भवती है घर पर गर्भावस्था परीक्षण करें।
2. जी मिचलाना- जी मिचलाना और उल्टी होना गर्भावस्था में गर्भाधान के बाद 2 सप्ताह से 8 सप्ताह तक हार्मोनल परिवर्तन के कारण होता है। जो गर्भावस्था के प्रारभिंक लक्षणों में से है।
3. संवेदनशील स्तन- स्तनों में अधिक संवेदनशीलता गर्भावस्था का पहला संकेत है। स्तनों में गर्भावस्था के दौरान दर्द होने लगता है। हालांकि ये दर्द माहवारी से पहले भी होता है लेकिन गर्भावस्था के दौरान स्तन कोमल भी हो जाते हैं।
5. सिरदर्द- गर्भावस्था के दौरान अक्सर सिरदर्द बहुत आम हैं और यह गर्भाधान के साथ ही शुरू हो जाता है। हार्मोंस के निरंतर बदलाव के कारण तनाव होने लगता है जिससे कुछ महिलाओं को सिर दर्द की शिकायत होने लगती है।
6. पीठदर्द- गर्भावस्था के साइड इफेक्ट से पीठ में दर्द हो सकता है। यह ज्यादातर गर्भवती को आखिर में जाकर अनुभव होता है लेकिन कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के शुरू में ही होने लगता हैं।
7. भोजन के लिए तरस- हमने हिन्दी फिल्मों में अक्सर सुना और देखा है कि जो महिला इमली खाने के लिए मांगती है उसी से अन्दाजा लगता है कि वह गर्भवती है। पर ऐसा फिल्मों में ही नही हमारी असल जिन्दगी में भी होता है कुछ महिलाओं का गर्भधारण करते ही मुंह का स्वाद बदल जाता है। ये हार्मोंस में हो रहे लगतार बदलाव के कारण होता है।
8. नजला-जुकाम- कई बार गर्भधारण के बाद नजला-जुकाम रहने लगता है और हर समय कफ जमा रहने की शिकायत रहती है।
9. बार-बार मूड बदलना- गर्भधारण के बाद कई महिलाओं को मिचली और उल्टी तो आती ही है साथ ही अचानक उनका मोटापा बढ़ने लगता है। हर समय गैस बनती है और खट़टी डकारें आनी लगती है। चक्कर आना, बेहोशी होना, बेवजह बार-बार मूड बदलना, नाराजगी दिखाना, कब्ज होना इत्यादि गर्भावस्था के लक्षण है।
10. निश्चित संकेत है- यदि आपने मासिक धर्म नही आए है और साथ ही आपको जी मिचलाना, स्तनों में भारीपन और थकान है, तो ये वास्तव में गर्भावस्था के प्रारंभिक लक्षण हो सकते है। आप तुरंत परीक्षण करें।
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